कविता मेरी

My Poem — a Hindi poem about losing the poem you once owned.
my poem
My Poem

जो थी कभी मेरी अपनी, ना जाने क्यों परायी हो रही है
जानी पहचानी लगती थी, कैसे गुमनाम हो रही है
कोशिश की बहुत समझने की, फिर भी बेमानी सी हो रही है
हर शब्द याद है मुझे, पर कविता मेरी खो रही है

अनंत आनंद गुप्ता

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