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# कल हो ना हो
- URL: https://www.anantanandgupta.com/kal-ho-na-ho/
- Published: 2008-01-15T22:05:00.000Z
- Updated: 2026-10-19T11:25:27.000Z
- Description: Tomorrow Comes or Not — a Hindi poem about living today.
- Author: Anant Anand Gupta

आज एक बार सबसे मुस्करा के बात करो  
बिताये हुये पलों को साथ साथ याद करो  
क्या पता कल चेहरे को मुस्कुराना  
और दिमाग को पुराने पल याद हो ना हो

आज एक बार फ़िर पुरानी बातो मे खो जाओ  
आज एक बार फ़िर पुरानी यादो मे डूब जाओ  
क्या पता कल ये बाते  
और ये यादें हो ना हो

आज एक बार मन्दिर हो आओ  
पुजा कर के प्रसाद भी चढाओ  
क्या पता कल के कलयुग मे  
भगवान पर लोगों की श्रद्धा हो ना हो

बारीश मे आज खुब भीगो  
झुम झुम के बचपन की तरह नाचो  
क्या पता बीते हुये बचपन की तरह  
कल ये बारीश भी हो ना हो

आज हर काम खूब दिल लगा कर करो  
उसे तय समय से पहले पुरा करो  
क्या पता आज की तरह  
कल बाजुओं मे ताकत हो ना हो

आज एक बार चैन की नीन्द सो जाओ  
आज कोई अच्छा सा सपना भी देखो  
क्या पता कल जिन्दगी मे चैन  
और आखों मे कोई सपना हो ना हो

क्या पता  
कल हो ना हो ...

**अनंत आनंद गुप्ता**