A Tribute to All Software Engineers

A tongue-in-cheek tribute to the life of a software engineer.
a tribute to all software engineers
A Tribute to All Software Engineers

अपने Project के बोझ तले दबा जा रहा है,
वो देखो एक Software Engineer जा रहा है।

ज़िन्दगी से हारा हुआ है पर Bugs से हार नहीं मानता,
हर Line रटी है Code की पर मोजों का रंग क्या है नहीं जानता।

दिन पर दिन Excel Sheet बनाये जा रहा है,
वो देखो एक Software Engineer जा रहा है।

हज़ारों Lines मे Error देख सकता है बिखरे कपडों मे छुपी Shirt दिखाई नही देती,
PC पर सेंकडो Windows खुली होती हैं पर दिल की खिड़की पर कोई दस्तक सुनाई नही देती।

पूरे हफ्ते नहाता नहीं है Weekends पर नहा रह है,
वो देखो एक Software Engineer जा रहा है।

Coding मे पता ही नहीं चला कब Bugs की Importance माँ-बाप से ज्यादा हो गई,
Cigarette का धुँआ ही उडाता है अब कि दिल की जमीन अरमानों से जुदा हो गई।

Weekends मे दारू पी कर जशन मन रहा है,
वो देखो एक Software Engineer जा रहा है।

मज़े लेने हो ग़र इसके तो पूछ लो कि Increment की Party कब दे रहे हो,
हसी उड़ानी हो इसकी तो पूछ लो कि On-Site कब जा रहे हो।

On-Site से लौटे हुए Team-Mate की Chocolates खा रहा है,
वो देखो एक Software Engineer जा रहा है।

खर्चे बढ़ रहे हैं बाल कम हो रहे हैं,
HRA की तारिख आती नहीं और Income Tax के सितम हो रहे हैं।

लो फिर से Bus छूट गयी Auto से आ रहा है,
वो देखो एक Software Engineer जा रहा है।

हज़ारों की तंख्वा वाला Company की करोड़ों की जेब भरता है,
Software Engineer बनने वाला पता नहीं क्यों कंजूसी करता है।

इस कविता का हर शब्द मेरे दिल से आ रहा है,
वो देखो एक Software Engineer जा रहा है।

अनंत आनंद गुप्ता

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