हकीकत ख़्वाबों की (Reality of Dreams)

ख़्वाबों में है उस जिंदगी का साथ जो ख़ुशियों को प्यालों में भर भर कर पिलाती है और आँखें खुलने पर ओझल हो जाती है।
और हकीकत में है ख़्वाहिश उन ख़्वाबों की जो चाहे सिमट जाएँ कुछ लम्हों में ही पर उम्र भर की ख़ुशियाँ दे जाते है।

ख़्वाब (Dream)

कुछ ख़्वाब थे मेरे अनकहे
देखे थे जो आँखे बंद करे … खुली आँखो में भी बसे रहे
बहुत कुछ जुड़ा है तुझसे
आज बयाँ करने की सोची … पर ना जाने लव्ज़ कहाँ गये
सकूं नहीं मिलता क्यों
तू सामने बैठा रहे यूँही … और बस हम तुझे देखते रहे
जिंदगी गुज़र जायेगी शायद
हमें तुमसे प्यार है … ये हम आज कहें की कल कहें

चाहत

तुम्हे बस चाहते जाने को जी चाहता है
आज कुछ कर जाने को जी चाहता है
तुम्हारे संग जीने को जी चाहता है
तुम पर मिट जाने को जी चाहता है
चाहते हैं हम तुम्हे जितना उतना
आज बस कह जाने को जी चाहता है
हमें चाहत हो सिर्फ तुम्हारी
ऐसी चाहत हो ये जी चाहता है
दिल पर ज़ोर नही है पर
ये दिल सिर्फ तुम्हे चाहे ये जी चाहता है
महोब्बत की ग़र कोई हद होती है तो
आज उस हद से गुज़र जाने को जी चाहता है
जो देखा तुमको एक बार हमने
तो अब देखते जाने को जी चाहता है

होश

होश वालों शिक्वा ना करो
हम भी होश की बातें करेंगे हमें ज़रा होश में तो आने दो
ख़्वाब लेने का हक सबका है
ख़्वाब होंगे हमारे भी सच्चे ज़रा झूठे ख्वाब से बाहर तो आने दो